सहरसा से नामांकन के बाद जमुई पहुंचे IP Gupta, बाबूजी की समाधि पर दी श्रद्धांजलि कहा मजदूरों की करनी ही मेरी पहचान

इंडियन इंक्लूसिव पार्टी iiP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महागठबंधन समर्थित सहरसा के प्रत्याशी इंजीनियर आईपी गुप्ता ने सहरसा से नामांकन दाखिल करने के दो दिन बाद रविवार को अपने पैतृक गांव जमुई के पतौना पहुंचे और अपने बाबूजी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करके हाथ में करनी उठाकर ईट को जोड़ते हुए कहा यह वही करनी है जिससे मेरे बाबूजी अपने हाथों से चला कर निर्माण करते थे उन्हीं के मेहनत और संघर्ष से मैं इंजीनियर बना ।आज यही करनी बिहार के नए निजाम की प्रतीक बनेगी।
इंजीनियर आईपी गुप्ता ने आगे कहा कि बिहार के मजदूर कारीगर और प्रवासी श्रमिक ही राज्य की असली रीढ़ है और अब वह राजनीति की मुख्य धारा में आ रहे हैं आईपी गुप्ता ने कहा यह करनी मेहनतकश मजदूर समाज की ताकत है वही लोग जो आज विदेश महानगरों शहरों और गांव में पसीना बहा रहे हैं। अब अपने हक और सम्मान के साथ बिहार के भविष्य का निर्माण करेंगे।
आईपी गुप्ता ने अपील किया कि जो लोग धनतेरस पर करनी नहीं खरीद सके वह आज उसे घर ले आए और इस प्रतीक को बिहार के बदलाव अभियान से जोड़े। आईपी गुप्ता ने कहा कि इंडियन इंक्लूसिव पार्टी iip मजदूर किसान पिछला वर्ग वंचित समुदायों की आवाज है और राजनीति के केंद्र में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। यही करनी हमारे संघर्ष की पहचान है यही हमारी विरासत है और यही आने वाले बिहार का स्वरूप तय करेगी।
राजनीतिक गलियांरो में इसे आईपी गुप्ता के इस बयान को करनी आंदोलन का विस्तार माना जा रहा है। महागठबंधन के भीतर इंडियन इंक्लूसिव पार्टी को एक नई शक्ति के रूप में देखा जा रहा है जो श्रमिक वर्ग मजदूर और युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो आईपी गुप्ता का यह बयान जमीनी स्तर पर एक नया विचार विमर्श स्थापित कर दिया है।