मधुबनी में इंकलाब यात्रा जब बच्चों और युवाओं से मिले आईपी गुप्ता

मधुबनी में इंकलाब यात्रा आईपी गुप्ता ने बच्चों से कहा पढ़ाई करो दरोगा इंजीनियर बानो राजनीति में पांच समाज की बराबर हिस्सेदारी होनी चाहिए

बिहार की राजनीति में इन दोनों एक नया नाम तेजी से उभर रहा है इंडियन इंक्लूसिव पार्टी और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर आईपी गुप्ता पिछले कई वर्षों से पैन समाज टाटी तथमा समाज और दलित पिछले वर्गों की आवाज बनकर खड़े हैं उनका साफ कहना है कि जो वोट हमारा है नेता भी हमारा होना चाहिए। क्या है इंकलाब यात्रा – इंकलाब यात्रा आईपी गुप्ता का राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान है इसका उद्देश्य है पान समाज और अन्य पिछड़े वर्गों को राजनीतिक हिस्सेदारी दिलाना युवाओं और बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पार्टी से जोड़ना गांव गांव जाकर लोगों को सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए जागरूक और संगठित करना।

मधुबनी में जनसभा – कल 24 सितंबर को इंकलाब यात्रा मधुबनी जिले के बाबू बरही पहुंचे सागरपुर चौक होते हुए विभिन्न स्थानों पर स्वागत और जनसंपर्क हुआ जनसभा स्थल तक हजारों नौजवानों का जत्था जुलूस के रूप में निकला जहां बच्चों और युवाओं का उत्साह देखने लायक था सभा को संबोधित करते हुए आईपी गुप्ता ने कहा भविष्य बदलता है पढ़ाई लिखाई से घूंघट हटाओ किताब उठाओ और पुलिस इंजीनियर दरोगा बनकर समाज का नाम रोशन करो पान समाज को राजनीति में हिस्सेदारी की भी बात कही गए हैप्पी गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा यह लड़ाई सिर्फ विधायक बनाने की नहीं है आने वाले पंचायत चुनाव में हर पंचायत में हमारे समाज का प्रतिनिधि होना चाहिए मुखिया सरपंच वार्ड पार्षद ब्लॉक अध्यक्ष प्रमुख और जिला परिषद तक पैन समाज अब किसी की फेंकी हुई रोटी नहीं लगा हमें राजनीति में बराबरी की हिस्सेदारी चाहिए। बच्चों और युवाओं से बात करते हुए आरती गुप्ता ने कहा कि अगर तुम पढ़ोगे आगे बढ़ोगे तो तुम्हारे सपनों से ही समाज के नए इबादत लिखी जाएगी अगर आज तुम चुप रहोगे तो आने वाली चिड़िया भी उसी दर और गुलामी में जीएगी।

क्यों बढ़ रही है iiP की पकड़ – परंपरागत दल राजद जयदेव बीजेपी कांग्रेस सिर्फ वोट लेते रहे लेकिन समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं दी आईपी गुप्ता ने पान समाज और अन्य दलित पिछड़ों को पहली बार सीधे नेतृत्व का विकल्प दिया उनका आंदोलन शिक्षा अधिकार राजनीतिक भागीदारी पर आधारित है जिससे युवा वर्ग बड़ी संख्या में जुड़ने जा रहे हैं।